Nifty 50 क्या है ?
Nifty Bees क्या है ?
Nifty Bees का भाव कैसे निकालते है
Nifty Bees के क्या -क्या फायदे हैं ?
Nifty Bees के क्या -क्या नुकसान हैं ?
Nifty Bees में निवेश से लॉन्ग- टर्म में कितना फायदा हो सकता है ?
∆ Nifty 50 क्या है ?
NIFTY 50 का Full Form है National Stock Exchange
Fifty
यह नेशनल और फि फ्टी दो शब्दों से मिलकर बना हुआ शब्द है … यह नेशनल स्टॉ क एक्सचेंज में लि स्टेड 50 प्रमुख Shares का सूचकां क होता है.
यह देश की 50 प्रमुख कंपनि यों के शेयरों पर नजर रखता है . और इसमें सिर्फ वही 50 कंपनी के शेयरों को देखा जा सकता है जो इसमें लिस्टेड है
यदि आप Intraday Trading करते है तो आप Future और
Option Trading के द्वारा निफ्टी
ख़रीद और बेच सकते है।
लेकिन यहाँ हम Long Term Investment की बा त कर रहे है,
इसलिए मैं आपको बता दूँ की आप Direct नि फ्टी में इन्वेस्ट नहीं कर सकते। इसके लिए आप इन 2 पॉपुलर तरीकों का इस्तेमा ल कर सकते है –
Nifty Bees (ETF)
Nifty 50 Index Fund
जैसा की मेंने आपको पहले बता या , हम बात करने वाले हैं Nifty Bees कि तो , चलिए जानते हैं Nifty Bees के बारे में
∆ Nifty Bees क्या है ?
Nifty Bees को जनवरी 2002 में सबसे पहले Introduce
किया गया था ।
Nifty Bees भारत का पहला स्टॉक एक्सचेंज फण्ड (ETF) है जि से आप डा यरेक्ट अपने ट्रेडिं ग ऐप्प से ख़री द सकते है। यह एक शेयर की तरह ही ख़री दा और बेचा जा ता है। साथ ही Nifty में हो ने वा ले Changes का सीधा असर इस पर भी पड़ता है। या नी अगर Nifty ऊपर जा येगा तो
इसमें भी ट्रेंड होगा और यदि निफ्टी निचे गिरेगा तो इसमें भी गिरा वट होगी ।
आप अपने डी मैट अकाउंट के जरि ये कभी भी खरीद या
बेच सकते हैं । इसके लिए आपके पास एक ट्रेडिंग या डी मैट अकाउंट होना चाहिए
अगर आपके पास डीमैट अकाउंट नहीं है तो नीचे दिए गए लिंक से आप अपना डिमैट अकाउंट खो ल
सकते हैं जो कि बिलकुल फ्री है
∆ Nifty Bees का भाव कैसे
निकालते है
निफ्टी बीस को डीमेट खाते में अन्य पोर्टफो लियो होल्डिंग्स की तरह रखा जा ता है। उसका एक शेयर (यूनि ट) नि फ़्टी इंडेक्स के 1/100 हिस्से के बरा बर हो ता है। यह NSE और BSE दोनो जगह ट्रेड होती है।
जैसे अगर नि फ्टी का आज का भाव 17 हजा र है तो इसे 1/100 करेंगे तो ये 170 होता है । तो को ई भी Nifty Bees का भाव 170 रुपया के आसपास ही होगा ।
∆ Nifty Bees के क्या -क्या फायदे हैं ?
1 .निफ्टी बीस बहुत ही ज्यादा इकोनोमिकल है। इसका साफ मतलब यह है कि म्यूचुअल फंड की तरह ही
इसमें नो लोड स्कीम है।
2 .निफ्टी बीस का परफॉर्मेंस निफ्टी 50 इंडेक्स के साथ रेप्लिकेट होता है ।
3 .तरलता (Liquidity) : आप जब चा हे यूनिट को खरीद और बेच सकते हैं
4 .इसमें को ई Human Error नहीं मिलेगा । निफ्टी बीस का प्रदर्शन केवल S&P CNX Nifty Index में
शेयरों के प्रदर्शन और बाजार में मांग और आपूर्ति का परिणाम है। कोई फंड मैनेजर पूर्वाग्रह नहीं है। इसलिए मानवी य भूल की कोई संभावना नहीं है।
5 .नि फ्टी बी स की वजह से पो र्टफोलियो में diversification आजाता है। यह खास कर के छोटे नि वेशकों के लिए अपने पोर्टफोलियो को diversify करने का अच्छा मौका है। आप यहां सीधा निवेश कर रहें है Nifty 50 के शेयर में। जहां आपके पास सब है। फार्मा भी है। FMCG भी है। IT भी है। बैंकिंग भी है। सब है। इससे बेहतर तरीके से एक निवेशक अपने पोर्टफोलियो को Diversify नहीं कर सकते हैं
अब यह एक अच्छा तरीका कैसे है? आइए समझते है। उदाहरण के लिए मान लिजिए की आपने Yes Bank लिया होता , Jet Airways लिया होता , DHFL लिया हो ता या PC Jewellers लि या हो ता , तो अब तक आप परेशानी में आ चुके होते। लेकिन अगर आप नि फ़्टी बीस लेते तो क्या आपके पोर्टफोलियो को कुछ होता । कुछ भी नही होता । स्टॉक चाहे 0 हो जाए लेकिन Nifty 50 कभी 0 नहीं हो सकता । सिधे शब्दो में कहें तो यह छोटे नि वेशकों के लिए खजाना है
अब बहुत लोगो के दिमाग में सवाल आ रहा होगा कि म्यूच्यूअल फंड भी तो अच्छा है, बिल्कुल अच्छा है पर वो एक अलगदुनिया है। म्यूच्यूअल फंड में आपका दिमाग नहीं लगता fund
manager का दिमाग लगता है। और दूसरी बात जब आप म्यूच्यूअल फण्ड लेते हो तो उसकी NAV जो काउंट होती है वो क्लोजिंग प्राइस प काउंट होती है। लेकिन Nifty Bees में
उदाहरण से समझिए की दिन में मार्केट गिरा और आपने गिरावट पर उठा या तो आप Nifty Bees Low प्राइस पर ले रहे हो लेकिन क्लोजिंग तक अगर मार्केट रि कवर कर गया तो म्यूच्यूअल फंड की Buying कभी भी उस प्राइस पर नहीं हो गी । तो यहां पर फिर Nifty Bees बेहतर लगता है।
6 .Nifty Bees में आपका पैसा निफ्टी के टॉप 50 कंपनियों में लगा हो ता है जैसे : Reliance Industries , HDFC Bank , ICICI Bank etc . आप Nifty50 के टॉप कंपनियों को हमारे पेज पर जाकर देख सकते हैं।
7 .Nifty Bees में आप कम पैसों में Diversified इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। मतलब कि निफ्टी के टॉप 50 कंपनियों में और Nifty 50 में सभी सेक्टर के टॉ प कंपनियों को
शामिल किया जाता है। मान लीजिए अगर आपके पास निवेश
करने के लिए मात्र ₹500 हैं और आपको Reliance Industries के शेयर खरीदने हो तो यह संभव नहीं
है क्यों कि रिलायंस के 1 शेयर का प्राइज ₹2000 के आसपास है लेकिन आप ₹500 में Nifty Bees के दो -तीन यूनि ट जरूर खरीद सकते हैं
जिसमें Reliance Industries भी शामिल है और भी बड़ी -बड़ी कंपनियां सभी सेक्टर से शामिल है। जिनको छोटे इन्वेस्टर कभी भी खरीद नहीं कर सकते हैं। तो है ना शानदार Diversification ! इसको आप 1 in 50 भी कह सकते हैं।
Finally हम ये कहें की Nifty Bees भारत की सभी टॉप कंपनियों का एक मिश्रण है।
8 .आप एक Nifty Bees के यूनिट को खरीदकर एक साथ टॉप 50 Diversified कंपनियों में निवेश कर देते हैं और आप जानते हैं कि अगर आपको लॉ न्ग-टर्म में एक सक्सेसफुल
इन्वेस्टर बनना है तो डायवर्सिफिकेशन कि तना जरूरी हो ता है जो कम कैपिटल वाले इन्वेस्टर के लि ए संभव नहीं है Nifty Bees के अलावा । अगर आप सी धे कि सी कंपनी में निवेश
करते हैं तो ,आपको अपने पोर्टफो लि यो को Diversify करने के लिए कम से कम 2 से 3 लाख रूपये का Capital चाहिए लेकिन छो टे Investors के साथ सबसे बड़ा प्रॉब्लम ही यही होता है कि उनके पास कैप टल कम होता है तो उनके लिए
बेस्ट ऑप्शन है nifty bees
मुझे लगता है अब आपका concept बिलकुल clear हो गया होगा Nifty Bees के फायदों के बारे में इस chapter में आपने सीखा :
Nifty Bees के बहुत सारे फायदों के बारे में NiftyBees कैसे Mutual Fund से काफी बेहतर है
Nifty Bees कैसे कम पैसे में हमा रे पो र्टफो लि यो
को Diversification देता है
अब अगले चैप्टर में हम Nifty Bees के नुकसान के बारे में जानेंगे।
Nifty Bees के क्या -क्या नुकसान हैं ?
1 .Nifty Bees में आपको कोई डिविडेंड नहीं मिलता है।
2 .डिविडेंड के अलावा कोई Nifty Bees में को ई नुकसान नहीं है।
इस chapter में अपने सीखा : Nifty Bees के नुकसान के
बारे में
अगले chapter में हम सी खेंगे Nifty Bees कैसे रिस्क-फ्री है ?
∆ Nifty Bees कैसे रि स्क-फ्री है ? Nifty Bees कैसे Risk-Free है
आइए समझते हैं : इसको समझने के लिए एक छोटा सा
Quote याद कर लीजिये।
“Risk of Good Stocks Turning Bad”
इसका मतलब है आज के टाइम में कुछ स्टॉक्स बहुत ही बढ़िया हो सकते हैं लेकि न आने वाले टाइम में दो -तीन साल बाद उस स्टॉक्स में कुछ ऐसा गड़बड़ी आ सकता है जिसका आज के
टाइम में अंदाजा लगाना संभव नही होता है
जिसके वजह से आज के टाइम में जो स्टॉक्स बढ़िया है वह आने वाले टाइम में बिल्कुल बेकार Stock बन जाता
है।
ऐसे स्टॉक्स के बहुत सारे उदहारण है
जैसे : Yes Bank, DHFL, Reliance Infrastructure, Reliance Communication,PCJewell ers, Jet Airways इत्यादि । इन Stocks के बर्बाद होने के कुछ साल पहले सोंचे होते तो आपको यही लगता कि ये सभी Value Stocks हैं, इनके बिजनेस काफी बढ़िया है ,इनके फंडामेंटल्स का फीस्ट्रांग हैं और इनमे आँख बंद करके लॉन्ग टर्म के लिए इन्वेस्ट किया जा सकता है।
लेकिन अगर आपने ऐसा सोचकर इन कंपनियों में इन्वेस्ट किया होता तो आज के टाइम में आपका Portfolio 90% से भी ज्यादा Loss में होता ।
अगर आप स्टॉक मार्केट में 100 स्टॉक्स Consider करेंगे तो उनमें से दो -चार स्टॉक्स ऐसे जरूर मिल जाएंगे जो आपको डूबा सकते हैं। आप इसी रि स्क को Avoid कर सकते है Nifty Bees मे इन्वेस्ट करके। क्योंकि Nifty Bees Nifty Index को Replicate करता है जिसकी वजह से Nifty Bees को कोई फर्क ही नहीं पड़ेगा अगर कोई Stock ₹0 का भी हो जाय।
अगर Nifty 50 का को ई Stock बर्बाद भी हो जाता है तो उसका बहुत ही मामूली असर Nifty पर पड़ता है और आपके पैसे को कोई नुकसान नहीं होता है। आप पि छले History को देख सकते हैं कि तने भी बड़े क्रैश हो जाए चाहे वो 2008 का हो या Corona का क्रैश हो ,लेकिन मार्केट वापस Bounce Back करता है मार्केट वापस Recover करता है और पहले की अपेक्षा ज्यादा ऊंचाइयों पर चला जाता है। अगर वही आप कोई Indivisual स्टॉक में इन्वेस्ट किए होते और Stock जीरो हो गया होता तो कंपनी बंद हो गयी होती और आपका खेल
वही खत्म हो जाता ,आपका सारा इन्वेस्टमेंट वहां डूब जाता
और ये जो इतना बड़ा रिस्क है
इसको आप Nifty Bees के जरिए खत्म कर सकते हैं जो Long-Term इन्वेस्टर के लिए सबसे बड़ी Investment Protection Stratagy हो सकती है। तो इन कारणों से Nifty Bees का जो इन्वेस्टमेंट है बिलकुल RiskFree हो जाता है।
इस chapter में आपने सीखा : Nifty Bees कैसे रिस्क-फ्री है
∆ Nifty Bees में निवेश से लॉन्ग- टर्म में कितना फायदा हो सकता है ?
तो चलिए देखते हैं कि कैसे हम हर महीने एक छोटे छोटे इन्वेस्टमेंट को करोड़ों में बदल सकते हैं और कैसे पावर आफ कंपाउंडिंग काम करता है : Nifty 50 का एवरेज Annual Return 12.5% का होता है तो जाहिर सी बात है कि Nifty Bees का रिटर्न भी इतना ही होगा क्योंकि Nifty Bees Nifty Index के साथ ही Up & Down और Replicate करता है।
Example
मान के चलिए,आपकी उम्र अभी 23 साल है और अभी -अभी कमाना चालू कि या है और आपका जॉब भी कोई ज्यादा सैलरी वाला नहीं है। जिससे आप हर महीने मात्र ₹5000 ही बचा पाते हैं और आप इस ₹5000 को इन्वेस्ट करना शुरू कर देते हैं और अगले 10 साल तक करते हैं। 10 साल ही मानकर इसलिए चलते हैं क्योंकि हो सकता है कि आप 10 साल बाद किसी कारणवश पैसे ना बचा पाए जिससे आपका इन्वेस्टमेंट रुक जाएगा । लेकि न जिस प्रकार हम किसी Stock को खरीद कर होल्ड करते है ठीक उसी प्रकार आपने भी जो 10 साल Nifty Bees में इन्वेस्ट कि या है उसे अगले 20 सालों के लि ए होल्ड करते हैं। वैसे इसे होल्ड करना कोई जरूरी नहीं है आप जब चाहे तब इसे सेल कर सकते हैं ,लेकि न जिस तरीके से हम कि सी अच्छे Stock को होल्ड करते हैं ठीक उसी प्रका र आपने भी होल्ड कि या अगले 20 सालों के लि ए। 10 साल आपने पैसा इन्वेस्ट कि या और उसके अगले 20 सा ल तक होल्ड किया कुल मिला कर 30 साल का टाइम दि या आपने अपने पैसे को ।
अब समझिये ,आपके मात्र 10 साल का इन्वेस्टमेंट आपको 30 सा ल के बा द 1.28 करोड़ रुपया देगा । है ना मजेदार बात ! इससे आप अंदा जा लगा सकते हैं कि कैसे स्मार्ट तरीके से लॉन्ग टर्म में हम करोड़पति बन सकते हैं। जितने भी बड़े इन्वेस्टर्स हैं और जो भी स्टॉक मार्केट से अमीर बने हैं ये Exactly उन्हीं का स्ट्रेटजी है।
यह Amount भी ( 5 हजा र रुपया मही ने का ) को ई ज्या दा नहीं है। मा त्र ₹5000 का महीना है जो आज के समय में को ई भी बचा सकता इन्वेस्ट कर सकता है। अगर नहीं हो ता है तो आप अपने फा लतू खर्चे को कम कर दीजिए देखिए कैसे हो जा ता है क्यों कि आप जितना ज्यादा देरी करेंगे करोड़पति बनने से
उतना ही दूर हो ते चले जाएंगे।
नीचे एक छो टा सा उदहारण है इसे समझने की कोशिश की जियेगी


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